भारत के 10 महत्वपूर्ण नदियों का महत्व | सहायक नदी

River

10 महत्त्वपूर्ण नदी – भारत आस्था और श्रद्धा से भरे लोगों का देश है। यहां जानवरों और पेड़ों और पौधों को भी देवी-देवता माना जाता है और उनकी पूजा भी की जाती है। यहां नदियों का बहुत महत्व है, चाहे वह पूजा के प्रारंभ में स्नान हो, छठ पर्व की पूजा। चाहे पवित्र श्राद्ध हो, हर कार्य में नदियों का महत्वपूर्ण स्थान होता है। भारत में नदियों का महत्व, देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में प्राचीनकाल से ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सिंधु तथा गंगा नदी की घाटियों में ही विश्व की सर्वाधिक प्राचीन सभ्यताओं – सिंधु घाटी तथा आर्य सभ्यता का आरम्भ हुआ। आज भी देश की सर्वाधिक जनसंख्या एवं कृषि का संकेंद्रण नदी घाटी क्षेत्रों में पाया जाता है। प्राचीन काल में व्यापारिक एवं यातायात की सुविधा के लिये देश के अधिकांश नगर नदियों के किनारे ही विकसित हुए थे,ये सभी उदाहरण नदियों की महत्व को दर्शाते है। Read on 10 Famous Rivers in India

10 Famous and Important Rivers in India

नदियों के देश कहे जाने वाले भारत में मुख्यतः चार नदी प्रणालियाँ हैं। उत्तरी भारत में सिंधु, मध्य भारत में गंगा, उत्तर-पूर्व भारत में ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली है। प्रायद्वीपीय भारत में नर्मदा कावेरी महानदी आदि नदियाँ विस्तृत नदी प्रणाली का निर्माण करती हैं।

भारत की नदियों को चार समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है :-

  • हिमालय से निकलने वाली नदियाँ
  • दक्षिण से निकलने वाली नदियाँ
  • तटवर्ती नदियाँ
  • अंतर्देशीय नालों से द्रोणी क्षेत्र की नदियाँ

भारत में के नदियाँ है पर कुछ प्रमुख नदियों में से एक है : –

गंगा नदी

Image: गंगा नदी
Source: Wikipedia

गंगा, भारत की सबसे महत्त्वपूर्ण नदी है। यह भारत और बांग्लादेश में कुल मिलाकर 2525 कि॰मी॰ की दूरी तय करती हुई उत्तराखंड में हिमालय से लेकर बंगाल की खाड़ी के सुन्दरवन तक विशाल भू-भाग को सींचती है। देश की प्राकृतिक सम्पदा ही नहीं, जन-जन की भावनात्मक आस्था का आधार भी है। सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण गंगा का यह मैदान अपनी घनी जनसंख्या के कारण भी जाना जाता है। 100 फीट की अधिकतम गहराई वाली यह नदी भारत में पवित्र नदी भी मानी जाती है तथा इसकी उपासना माँ तथा देवी के रूप में की जाती है।

गंगा नदी के बारे में ज्यादा जानने के लिए क्लिक करेंI

यमुना नदी

Image: यमुना नदी
Image: By Kakoli Roy

यह गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी है जो यमुनोत्री नामक जगह से निकलती है और प्रयाग में गंगा से मिल जाती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियों में चम्बल, सेंगर, छोटी सिन्धु, बेतवा और केन उल्लेखनीय हैं। यमुना के तटवर्ती नगरों में दिल्ली और आगरा के अतिरिक्त इटावा, कालपी, हमीरपुर और प्रयाग मुख्य है। प्रयाग में यमुना एक विशाल नदी के रूप में प्रस्तुत होती है और वहाँ के प्रसिद्ध ऐतिहासिक किले के नीचे गंगा में मिल जाती है। ब्रज की संस्कृति में यमुना का महत्वपूर्ण स्थान है।

यमुना नदी के बारे में ज्यादा जानने के लिए क्लिक करेंI

गोदावरी नदी

Image: गोदावरी नदी
Image: By Amita Bhaduri

गोदावरी दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी है| यह नदी दूसरी प्रायद्वीपीय नदियों में से सबसे बड़ी नदी है। इसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है। इसकी उत्पत्ति पश्चिमी घाट में त्रयंबक पहाड़ी से हुई है। यह महाराष्ट्र में नासिक जिले से निकलती है। इसकी लम्बाई 1465 किलोमीटर है। इस नदी का पाट बहुत बड़ा है। गोदावरी की उपनदियों में प्रमुख हैं प्राणहिता, इन्द्रावती और मंजिरा। यह महाराष्ट, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से बहते हुए राजहमुन्द्री शहर के समीप बंगाल की खाड़ी मे जाकर मिलती है।

ज्यादा जानने के लिए क्लिक करेंI

कृष्णा नदी

image: कृष्णा नदी
Source : NativePlanet

कृष्णा नदी के किनारे विजयवाड़ा स्थित है। इसके मुहाने पर बहुत बड़ा डेल्टा है। इसका डेल्टा भारत के सबसे उपजाऊ क्षेत्रों में से एक है। यह मिट्टी का कटाव करने के कारण पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुचांती है। कावेरी नदी जल विवाद को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच जल विवाद चल रहा है। कृष्णा नदी का संगम बंगाल की खाड़ी है। इस नदी पर दो जलप्रपात बने हुए हैं।

  1. शिवसमुद्रम जलप्रपात
  2. श्रीरंगपट्टनम जलप्रपात

कृष्णा नदी के बारें में ज्यादा जानने के लिए क्लिक करेंI

नर्मदा नदी

Image: नर्मदा नदी
Source: Wikipedia

नर्मदा, जिसे रेवा के नाम से भी जाना जाता है, मध्य भारत की एक नदी और भारतीय उपमहाद्वीप की पांचवीं सबसे लंबी नदी है। यह गोदावरी नदी और कृष्णा नदी के बाद भारत के अंदर बहने वाली तीसरी सबसे लंबी नदी है। मध्य प्रदेश राज्य में इसके विशाल योगदान के कारण इसे “मध्य प्रदेश की जीवन रेखा” भी कहा जाता है। यह उत्तर और दक्षिण भारत के बीच एक पारंपरिक सीमा की तरह कार्य करती है। यह अपने उद्गम से पश्चिम की ओर 1,312 किमी चल कर खंभात की खाड़ी, अरब सागर में जा मिलती है।

ज्यादा जानने के लिए क्लिक करेंI

ब्रह्मपुत्र नदी

Image : ब्रह्मपुत्र नदी
Source: istockphoto

यह तिब्बत, भारत तथा बांग्लादेश से होकर बहती हैI ब्रह्मपुत्र का उद्गम हिमालय के उत्तर में तिब्बत के पुरंग जिले में स्थित मानसरोवर झील के निकट होता है, जहाँ इसे यरलुंग त्संगपो कहा जाता है। तिब्बत में बहते हुए यह नदी भारत के अरुणांचल प्रदेश राज्य में प्रवेश करती है। आसाम घाटी में बहते हुए इसे ब्रह्मपुत्र और फिर बांग्लादेश में प्रवेश करने पर इसे जमुना कहा जाता है। पद्मा (गंगा) से संगम के बाद इनकी संयुक्त धारा को मेघना कहा जाता है, जो कि सुंदरबन डेल्टा का निर्माण करते हुए बंगाल की खाड़ी में जाकर मिल जाती है।

ज्यादा जानने के लिए क्लिक करेंI

सतलुज नदी

Image: सतलुज नदी
Source: Wikipedia

सतलुज उत्तरी भारत में बहने वाली एक सदानीरा नदी है। इसका पौराणिक नाम शतुर्दि है। जिसकी लम्बाई पंजाब में बहने वाली पाँचों नदियों में सबसे अधिक है। यह पाकिस्तान में होकर बहती है।

ज्यादा जानने के लिए क्लिक करें

कावेरी नदी

Krishnarajsagar dam at the South-Indian river Kaveri or Cauvery, Karnataka

कावेरी नदी को “दक्षिण भारत की गंगा” कहा जाता है। यह भारत की प्राचीन व प्रमुख नदियों में से एक है। यह नदी मुख्य रूप से दक्षिण भारत के कर्नाटक व तमिलनाडु राज्य में बहती है। साथ ही यह केरल व पुडुचेरी के कुछ भागों से भी होकर गुजरती है। यह कर्नाटक के कुर्ग से निकलती है तथा इसका उद्गम स्थल पश्चिमी घाट का ब्रह्मगिरी पर्वत माना जाता है |

ज्यादा जानने के लिए क्लिक करें

सिन्धु नदी

एशिया की सबसे लंबी नदियों में से एक सिन्धु नदी है, जिसेअंग्रेजी में इंडस रिवर (Indus River) कहते हैं। यह पाकिस्तान की सबसे लंबी नदी और राष्ट्रीय नदी है। इस नदी का उद्गम तिब्बत के मानसरोवर के निकट सिन-का-बाब नामक जजलधारा से हुआ है। कृष्णा नदी एक भारतीय नदी है जिसका नाम भारत के भगवान कृष्ण पर रखा गया है। इस नदी को भारत की पौराणिक नदियों में से एक है।

ज्यादा जानने के लिए क्लिक करें

अंततः हम यह कह सकते हैं – नदियों से भी भारत देश की पहचान है|

One thought on “भारत के 10 महत्वपूर्ण नदियों का महत्व | सहायक नदी

Comments are closed.