Budget 2021: सरल भाषा में विस्तार से समझे इस साल के बजट को

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आम इंसान को कितना फायदा कितना नुकसान

बजट का ये है सार : लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज साल 2021-22 का बजट पेश किया. इस केंद्रीय बजट से कहीं ख़ुशी देखी गयी तो कुछ सेक्टरों को मायूसी का सामना भी करना पड़ा. ख़ास तौर पर आम आदमी की जेब में बोझ इससे बढ़ा है. टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पेट्रोल डीजल में कृषि सेस लगा कर सरकार ने इनकी कीमतों में बढ़ोत्तरी कर दी है, जिससे महंगाई बढ़ेगी. स्वास्थ्य पर भी बजट बढ़ाया गया है, इसके साथ ही कोरोना वैक्सीनेशन के लिए वित्त मंत्री ने 35 हजार करोड़ के बजट का एलान किया. अब 75 साल के ऊपर के बुजुर्गों को आईटीआर भरने से छूट दी गई है।

budget2021
India Budget 2021

वैक्सीन के लिए 35,000 करोड़ | For vaccine 35000 crores

वर्ष 2021-22 के बजट में कोरोना वायरस के खिलाफ टीकाकरण के लिए 35,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है।वित्त मंत्री ने कहा, ”मैंने कोविड-19 के टीके के लिए 35,000 करोड़ रुपये मुहैया कराए हैं।अगर जरूरत हुई तो आगे भी धन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं।2021-22 में स्वास्थ्य का बजट 2.23 लाख करोड़ रुपये है और इसमें 137 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.” देश भर में 15 नए इमरजेंसी सेंटर खोले जाएंगे।

Indian vaccine
budget focus on Covid19 vaccine

बजट में आम जनता को टैक्स में कोई राहत नहीं | nothing for tax payers

बजट में आम जनता को टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है. बजट में मौजूदा टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वरिष्ठ नागरिकों को टैक्स में राहत दी जाएगी।75 की उम्र पार कर चुके वरिष्ठ नागरिकों को अब आईटीआर भरने की जरूरत नहीं होगी।यानी अब वह इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरेंगे।जिनकी इनकम पेंशन पर निर्भर है उन्हें कोई इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरना होगा।

Tax payers benefit in Budget21
No benefit for Tax payers

क्या हुआ महंगा ?| worrisome

Not happy from Budget 2021
Worried about Indian Budget 2021

सरकार ने पेट्रोल पर 2.5 रुपये और डीजल पर 4 रुपये कृषि सेस लगाया है।इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि आम लोगों के लिए कीमतों पर नहीं कोई असर पडे़गा।सरकार ने बेसिक एक्साइज ड्यूटी और एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटायी गयी है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारामण ने कुछ ऑटो पार्ट्स पर 15 फीसदी तक इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई है। इससे नई गाड़ियां महंगी होंगी।सरकार ने मोबाइल और उससे जुड़े चार्जर और हेडफोन पर 2.5 परसेंट इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है।इसका असर स्मार्ट फोन की कीमतों पर होगा, अब आपको नए फोन के लिए ज्यादा खर्च करना होगा। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक उपकरण, इम्पोर्टेड कपड़े, सोलर इन्वर्टर, सोलर लालटेन, फ्रीज और एसी का कंप्रेशर, कॉटन नट और पेंच और कच्चा सिल्क और सिल्क का धागा महंगे हुए हैं।

क्या हुआ सस्ता |Good part!

Happy face due to benefit in Budget 2021
Happy due to benefit in Indian Budget

वहीं स्टील से बने सामान, सोना, चांदी, तांबे का सामान, सोने चांदी के सिक्के और ईंटे और नायलन चिप सस्ते हुए हैं।

रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि | In the bag of Indian Railway

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को रेलवे के लिए 1.10 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा की, जिसमें से 1.07 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे मालगाड़ियों के अलग गलियारों के चालू होने के बाद उनका मुद्रीकरण (monetization)करेगी. सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2021-22 पेश करते हुए कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान देशभर में आवश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए रेलवे द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना की. उन्होंने कहा, ‘‘मैं रेलवे के लिए 1,10,055 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि की घोषणा कर रही हूं, जिसमें से 1,07,100 करोड़ रुपये केवल पूंजीगत व्यय के लिए हैं.’’

चुनावी राज्यों को निराश नहीं किया और कई बड़े एलान किए। | State wise Target

State wise thought in Budget 2021
State wise thought in Budget 2021

वित्त मंत्री ने चुनावी राज्यों को निराश नहीं किया और कई बड़े एलान किए। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम के लिए वित्त मंत्री ने जमकर पैसा दिया। चुनाव वाले  राज्यों में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 2.27 लाख करोड़ का एलान किया। वित्त मंत्री ने कहा, ”पश्चिम बंगाल में कोलकाता-सिलीगुड़ी के लिए नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट होगा। बंगाल में राजमार्ग पर 25,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। बंगाल में 675 किमी राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा।” इसके साथ ही वित्त मंत्री ने तमिलनाडु, केरल और असम के लिए भी बड़े एलान किए।उन्होंने कहा, ”3500 किमी नेशनल हाईवेज प्रोजेक्ट के तहत तमिलनाडु में 1.03 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसका कंस्ट्रक्शन अगले साल शुरू होगा।1100 किमी नेशनल हाईवे केरल में बनेंगे। इसके तहत मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर भी बनेगा।केरल में इस पर 65 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।34 हजार करोड़ रुपए असम में नेशनल हाईवेज पर खर्च होंगे।

सरकार किसानों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है | for Farmers ?

Indian farmers
impact on Farmers after budget 2021

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत की तुलना में कम से कम 1.5 गुना कीमत सुनिश्चित करने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है।इसके साथ ही किसानों से अनाजों की खरीद और उनको किया जाने वाला भुगतान तेजी से बढ़ा है। वित्त मंत्री ने जैसे ही कृषि क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को गिनाना शुरू किया, विपक्षी सांसद तीनों हालिया कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करने लगे।

कुछ और जानकारियां | What else ?

Department of Finance India
Department of Finance India

लोकपाल (लोकपाल उच्च सरकारी पदों पर आसीन व्यक्तियों द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायतें सुनने एवं उस पर कार्यवाही करने के निमित्त पद है।) को वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में करीब 40 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है ताकि उसके निर्माण संबंधी व्यय को पूरा किया जा सके।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को प्रस्तुत आम बजट के अनुसार मार्च में समाप्त हो रहे मौजूदा वित्त वर्ष के लिए लोकपाल को 74.4 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था जिसे अब कम करके 29.67 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।वहीं आगामी वित्त वर्ष के लिए लोकपाल के लिए कुल 39.67 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं।

कांग्रेस के पंजाब के तीन सांसद सोमवार को केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध जताते हुए काले चोगा पहनकर बजट भाषण के दौरान लोकसभा पहुंचे।कांग्रेस के लोकसभा सदस्य बलबीर सिंह गिल, रवनीत सिंह बिट्टू और गुरजीत सिंह औजला ने जो चोगे पहन रखे थे उन पर ‘किसान की मौत का काला कानून वापस लो’ और ‘मैं किसान हूं, मैं खेत मजदूर हूं, मुझसे धोखा मत करो’ लिखा हुआ था।सदन में पहुंचने से पहले इन सांसदों ने लोकसभा परिसर में भी नारेबाजी की और कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लीक छोड़ते हुए इस बार आम बजट कागजी दस्तावेज के बजाय टैबलेट से पढ़ा. सीतारमण 2021-22 का बजट पेश करते हुए सत्ता पक्ष की दूसरी कतार में रहीं. इस बार का बजट कागज पर प्रिंट नहीं हुआ है. बजट दस्तावेज सभी सांसदों समेत आम जनता के लिये डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराया जाने वाला है।

by Sanchi Kashyap

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